पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के चौथे चरण के लिए प्रचार अभियान तेज हो गया है

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के चौथे चरण के लिए प्रचार अभियान तेज हो गया है

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के चौथे चरण का चुनाव प्रचार जोरों पर है। राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता मतदाताओं को लुभाने का अंतिम प्रयास कर रहे हैं। इस चरण का प्रचार आज शाम को समाप्त हो जाएगा।

इस विधानसभा सीट के लिए चार उम्मीदवार मैदान में हैं। यह सीट तब सुर्खियों में आई जब तृणमूल कांग्रेस ने भूमि अधिग्रहण के विरोध में तत्कालीन मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ बिगुल बजाया।

सिंगूर से मौजूदा विधायक रवींद्रनाथ भट्टाचार्य इस बार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। वह तृणमूल कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने के कारण चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए थे। नटी साल भट्टाचार्य ने सीपीएम के रॉबिन डे को वर्ष 2016 में बीस हजार से अधिक मतों के अंतर से हराया और इस सीट पर कब्जा जमाया। रवींद्रनाथ भट्टाचार्य वर्ष 2001 से लगातार सिंगूर के विधायक चुने जाते रहे हैं। भाजपा 2016 में 14 हजार से अधिक वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रही। संयुक्त मोर्चे के तहत गठबंधन में चुनाव लड़ रही सीपीएम ने छात्र संघ के नेता एसएफआई स्वर्ण भट्टाचार्य को अपना उम्मीदवार बनाया है। बेरोजगारी और विकास की कमी सिंगूर की प्रमुख समस्याएं हैं। एक बड़े आलू उगाने वाले क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाले सिंगूर के किसान अपनी उपज के बेहतर दाम पाने के लिए खाद्य प्रसंस्करण इकाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस शनिवार को हुगली में एक चुनावी बैठक में ममता बनर्जी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए जारी किया गया है। आयोग ने ममता बनर्जी से 48 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा है।