सरकार ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उठाने का आग्रह किया, फसल बीमा योजना को पांच साल पूरे हो गए

सरकार ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उठाने का आग्रह किया, फसल बीमा योजना को पांच साल पूरे हो गए

केंद्र सरकार ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उठाने की अपील की है। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की यह योजना कल पांच साल पूरे कर चुकी है। कृषि मंत्रालय ने कहा है कि 13 जनवरी 2016 को योजना की शुरुआत के बाद से, किसानों के बीच 90 हजार करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं।

सरकार ने किसानों को फसलों के जोखिम से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए इस योजना को मंजूरी दी।

फसल बीमा योजना के तहत, केंद्र और राज्य सरकारें किसानों की हिस्सेदारी से अधिक की प्रीमियम लागत वहन करती हैं। कृषि मंत्रालय ने कहा है कि इस योजना से पहले प्रति हेक्टेयर बीमा की औसत राशि 15 हजार एक सौ रुपये थी, जिसे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बढ़ाकर 40 हजार सात सौ कर दिया गया है।

पिछले साल फरवरी में, प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना में और सुधार किया गया था और इस योजना को सभी किसानों के लिए स्वैच्छिक बनाया गया था। राज्यों के लिए बीमा राशि को तर्कसंगत बनाने के लिए योजना को और सरल बनाया गया ताकि किसानों द्वारा पर्याप्त लाभ उठाया जा सके। इस योजना में साढ़े पांच करोड़ से अधिक किसानों के आवेदन प्राप्त हुए हैं और अब तक 90 हजार करोड़ रुपये के दावों का भुगतान किया जा चुका है। आधार सीडिंग ने किसानों के खातों में सीधे दावा निपटान में तेजी लाने में भी मदद की है। वहीं, कोविद -19 लॉकडाउन के दौरान इस योजना से 70 लाख किसान लाभान्वित हुए और लाभार्थियों को आठ हजार 741 करोड़ रुपये से अधिक हस्तांतरित किए गए। केंद्र सरकार ने किसानों से इस योजना का लाभ उठाने का आग्रह किया है ताकि संकट के समय में सक्षम बन सकें और आत्मनिर्भर किसान के निर्माण में सहयोग कर सकें।