पर्यावरण संरक्षण बिल को लेकर प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तराखंड ने की बैठक

 

रुड़की :- आज प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तराखंड की बैठक होटल दीप रेजिडेंसी मैं आयोजित की गई बैठक की अध्यक्षता डॉ सतीश कौशिक ने की. बैठक में अनेक विषयों पर चर्चा हुई बैठक में प्रमुख रूप से पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग उत्तराखंड शासन द्वारा दिनांक 16 फरवरी 2021 संख्या 84/XXXlll-1-20-13(11)/2001 को जारी अधिसूचना पर विस्तृत चर्चा की गई इस अधिसूचना में कहा गया है क्योंकि प्लास्टिक अजैवनाशकारी है एवं पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरा पैदा करता है प्लास्टिक मिट्टी की उर्वरता को कम कर पौधों की वृद्धि में बाधा उत्पन्न करता है नालियों और सीवर को बाधित करता है जिसका परिणाम स्वरुप सीवर व नालियों का पानी बाहर आने लगता है बहने लगता है जिसका मवेशियों में जंगली जंतुओं द्वारा इस का भक्षण करने पर उनके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालता है जिससे उनकी मृत्यु भी हो जाती है तथा वे असाध्य रोग से ग्रस्त हो जाते हैं और क्योंकि प्लास्टिक में मौजूद रंग पिंगबैक प्लास्टिक में लिपटे खाद्य पदार्थों को दूषित करता है जो कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है कैंसर तक का कारण होता है शासन द्वारा कोई भी व्यक्ति स्वयं या किसी और के माध्यम से जानबूझकर या अनजाने में निम्नलिखित प्लास्टिक थर्माकोल स्टायरोफोम सामान के क्रय विक्रय उत्पादन आयात भंडारण ले जाना उपयोग व आपूर्ति संपूर्ण उत्तराखंड राज्य में नहीं करेगा एक किसी भी आकार मोटाई मापरंग के प्लास्टिक कैरी बैग हैंडल के साथ अथवा बिना हैंडल के और नॉन वोवन पाली पॉपलाइन बैग प्रतिबंधित किए जाते हैं. इसके उत्पादन करता पर ₹500000 परिवहन करता पर ₹200000 खुदरा विक्रेता पर ₹100000 व्यक्तिगत उपयोग पर ₹100 उल्लंघन करने की दशा में अर्थदंड आरोपित किया जाएगा. इन निर्देशों के कार्यान्वयन व जुर्माना आरोपित करने हेतु 7 विभागों को लगाया गया है.
प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तराखंड का प्रत्येक सदस्य पदाधिकारी तथा सारे व्यापारी इस अध्यादेश का पुरजोर विरोध करते हैं तथा सरकार से मांग करते हैं कि इसका कोई विकल्प हमें दिया जाए ताकि हम प्लास्टिक व इससे बने सामान के इसके प्रयोग से बच सकें. इस संदर्भ में प्रदेश के मुख्यमंत्री मंत्री स्थानीय विधायक के समक्ष अपना पक्ष रखा जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय की शरण भी ली जाएगी.
प्रदेश सरकार द्वारा सर्किल रेट के हिसाब से नगर पंचायत नगर पालिका परिषद नगर निगम में भवन कर लगाया जाएगा ऐसी अधिसूचना सरकार द्वारा जारी की गई है जिसका प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल पुरजोर विरोध करता है. इसके लिए पूर्व में भी हमारे द्वारा ज्ञापन मुख्यमंत्री को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की के माध्यम से दिया गया है.
कोरोना काल व्यापारिक प्रतिष्ठान पूर्णता बंद रहे हैं इस कालखंड का भवन करंट पूर्णता माफ करने हेतु भी ज्ञापन पूर्व में प्रेषित किया जा चुका है अब उन्हें रिमाइंडर के रूप में एक ज्ञापन दिया जाएगा.
आने वाले बजट में प्रदेश सरकार से अपेक्षा की गई है वह प्रदेश की जनता एवं व्यापारियों पर कर का बोझ कम करें तथा सुगमता प्रदान करें.
जीएसटी में बार-बार केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी काउंसिल द्वारा अमेंडमेंट्स किए जा रहे हैं जो कि उचित नहीं है सरकार से अनुरोध है जीएसटी दो लाया जाए जिसमें किसी प्रकार के परिवर्तन की आवश्यकता ही ना पड़े सभी को आसानी हो. पूर्व में प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तराखंड द्वारा प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की के माध्यम से दिया जा चुका है कोई कार्यवाही ना होने पर पुनः एक बार 23 मार्च को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया जाएगा.
आज की बैठक में अजय गुप्ता, नवीन गुलाटी, नितिन शर्मा, रामगोपाल कंसल, चौधरी धीर सिंह, प्रवीण चौधरी, डॉक्टर सतीश कौशिक, रमेश ओबरॉय, दीपक अरोड़ा, कविश मित्तल, अनुज अग्रवाल, आदर्श कपानिया, शैलेंद्र गोयल, विजय गोयल, भरत कपूर, सार्थक छाबड़ा, विकास बंसल, आकाश गोयल, समीर गांधी, राजेश सचदेवा, डॉक्टर तौफीक अहमद, गौरव मेंदीरत्ता, मोहित अग्रवाल, विजय कुमार भारद्वाज, अमित अग्रवाल, विशाल गुप्ता, अशोक कुमार गुप्ता, उमेश कुमार सिंगल, प्रदीप अग्रवाल आदि प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी सदस्य उपस्थित रहे.